गुरुवार, 9 जून 2016

HOW TO CHOOSE AN ANDROID DEVICE FOR YOU

हमारे देश ही नहीं पूरी दुनिया में संचार क्रांति की शुरुआत हो चुकी है पर इसका अंत कभी नहीं होगा, ये तो पक्का है . हर रोज स्मार्टफोन बेचने वाली एक नई  कंपनी शुरू हो रही है और जो कम्पनियाँ पहले से बाजार में हैं वो हर रोज स्मार्टफोन की  नई रेंज पेश कर रही  हैं. ऐसे में जब किसी भी ग्राहक को एक नए फ़ोन खरीदने की जरूरत पड़ती है तो कमोबेश माथापच्ची हो ही जाती है कि कौन सा हेंडसेट खरीदें ? आइये हम आपकी थोड़ी मदद करते हैं.
              किसी भी एंड्राइड फ़ोन या टेबलेट को खरीदते समय आवश्यक रूप से आपको तीन बातें देखनी हैं  
1)   प्रोसेसर :- 
                  सबसे पहले आपको ये देखना है कि उसका प्रोसेसर कैसा है? प्रोसेसर जितना फ़ास्ट होगा फोन उतनी तेजी से किसी भी अप्लीकेशन को हेंडल करेगा यही नहीं अगर आप 4G  नेटवर्क का लाभ उठाना चाहते हैं तो भी प्रोसेसर का फ़ास्ट होना जरूरी है.  आपका प्रोसेसर कम से कम QUAD CORE और 64 BIT का तो होना ही चाहिए पर OCTA CORE 64 BIT हो तो अच्छा है.
2) रैम :-
              अगली बारी RAM की आती है क्यूं और कैसे के बदले सीधे - सीधे ये जान लीजिये की RAM कम से कम 2GB का तो होना ही चाहिए उससे कम के बारे में तो सोचियेगा भी मत. जितना ज्यादा RAM होगा आपके फ़ोन में उतने अप्लीकेशन्स एक साथ काम कर सकेंगे आप भले ही एक बार में एक अप्लीकेशन यूज़ करते हों पर याद रखिये आपका स्मार्टफोन BACKGROUND में ढेर सारे अप्लीकेशन चलाता रहता है  जैसे सिस्टम से जुड़े अप्लीकेशन, FACEBOOK, WHATSAPP, TWITTER, WEATHER UPDATES वगैरह वगैरह. 
3) रोम :-
               अब बारी आती है इंटरनल मेमोरी की तो कम से कम 16GB, ताकि आपका फ़ोन आपके काम के अप्लीकेशन डाउनलोड करते समय STORAGE FULL का मेसेज न दे. आप बिंदास होकर काम के अप्लीकेशन लोड कर सकें.
                                             ये तो हुए वो तीन पहलू जिन्हें आपको  बिल्कुल  भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए अब आइये उन पहलुओं  बात करते हैं जहाँ आपके पास विकल्प मौजूद हैं.

1) स्क्रीन साईज :-  अगर आप फ़ोन पर कुछ न कुछ पढ़ते रहते हैं तो 5 इंच से 5.5 इंच ठीक है 6 इंच के भी फ़ोन मार्किट में उपलब्ध हैं.

2) नेटवर्क:- कम से कम 3G तो बनता ही है 3G लेना हो तो ये देख लीजिये की ONLY WCDMA MODE का विकल्प उस फ़ोन में मौजूद है या नहीं वैसे शायद ही कोई फ़ोन हो जिसमें ये विकल्प मौजूद ना हो.  4G की बात करें तो बस ये देख लीजियगा कि आपका फोन FTD और TDD दोनों BAND को सपोर्ट  करता हो तभी आपका फ़ोन भारत के हर कोने में 4G नेटवर्क कैच कर पाएगा . VOLTE:-  वैसे आप VOLTE आपको विडियो कालिंग और हाई डेफिनिशन की VOICE कालिंग की सुविधा देता है पर आप चाहें तो इसे  IGNORE भी कर सकते हैं क्यूंकि आपको प्ले स्टोर पर इसके विकल्प मिल जाएँगे. 

3) बैटरी :- 
                 5 इंच स्क्रीन के लिए कम से 2000 MAH 
                 5.5 इंच के लिए 3000 MAH  और 
                6 इंच के लिए कम से कम 5000 MAH 

4) कनेक्टिविटी:- BLUETOOTH, WIFI दोनों आजकल सभी फ़ोन में मौजूद रहता है.

5) सेंसर:- लाइट सेंसर और  proximity sensor दोनों होने चाहिए बांकी आपकी चॉइस है.

6) कंपनी:- REGULAR UPDATES, UPGRADES पाने के लिए  और फ़ोन खराब होने की स्थिती में आपका फ़ोन अच्छी कंपनी का हो ये जरूरी है. ये रहे कुछ नाम - SAMSUNG, LG, LENOVO, OPPO, GIONEE, XIOMI, ASUS, HTC, SONY, MICROMAX, I-BALL, MEZU, MOTROLA.

                                                आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आगे भी लिखने के लिए प्रेरित करती रहेंगी अतः                                                           प्रतिक्रियाएं अवश्य दें. 
                                                                           धन्यवाद. 

                                                                                                                                   

रविवार, 20 नवंबर 2011

Windows 8 a new experience of computing

A few days back Microsoft launched developer preview of its latest OS Windows 8. I downloaded and and installed it on my 64 bit processor laptop. I was not only surprised to see the speed of its performing tasks but also the speed of booting. Friends it boots up just in 8 sec. though it not faster booting than Google Chrome OS but still great. Its speed of performing tasks is better than Windows-XP. I used Office-2010 on it which opens faster than as it opens on Windows-7 or Windows Vista. When you burn disk or copy or move anything in Windows-8 it very much faster than Windows-7. Where i was thinking that new coming operating systems are more memory hungry and they need more powerful microprocessor I seen it works excellent with my AMD duel core processor while Windows-7 hangs sometimes. In fact Windows-7 works good only with more than 2.10 GHZ multi-core processors. Thanks god older processor still will be player in the market. Windows-8 is using IE-10 which is more stylish and faster. Overall with its great new luck and speed it gives new experience of computing. 

सोमवार, 26 सितंबर 2011

windows 8 beta is available now

hey friends windows 8 beta is available now u can download it from following url---http://msdn.microsoft.com/en-us/windows/apps/br229516

बुधवार, 7 सितंबर 2011

HAMEN KEEDON KEE TARAH MARA GAYA

आज एक बार फिर हमें कीड़ों की तरह मारा गया एक बार फिर हमने एक भारतीय होने का दंश झेला. एक बार फिर हमने स्वार्थी निकम्मे और नकारे लोगों को अपना प्रतिनिधि बनाने की सजा पाई. ये बारूदी लम्हा हमें अपने गलत विकल्प चुनने की एक और सजा दे गया. कबतक हम सिर्फ उन लोगों को ही अभागे समझते रहेंगे जिनके अपने आतंकवादी हमलों में मारे जाते हैं. क्या हमारा दुर्भाग्य नहीं है.  मित्रों क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो इस हमले के लिए हमारे पड़ोसी राष्ट्र को जिम्मेदार मानते हैं अगर हाँ तो जरा सोचिये हमला करने वाले संगठन ने इस हमले का क्या कारण बताया वो अफजल गुरु की फंसी की सजा को माफ़ करवाना चाहते थे. अरे याद आया हमारे देश के भीतर भी कुछ लोगों ने यही मांग की थी. हमारी राष्ट्रपति  भी शायद करें न करें के बीच में फंसी हुई हैं. आखिर क्यूँ हमारी सरकार कसाब और अफजल गुरु को फंसी देने से हिचकती है हमारी सरकार किससे डरती है. और कितने हमलों को निमंत्रण दिया जाएगा. हमारी सरकार किन्कर्ताव्य्मूध क्यूँ बन जाती है जब राष्ट्रीय सुरक्षा के ऐसे गंभीर प्रश्न सामने आते हैं. हम भारत के लोग ऐसी घटिया सरकार के लिए खुद को जिम्मेदार मानने से कबतक बचते रहेंगे. हाँ हम जिम्मेदार हैं कि हमने ऐसे घटिया लोगों अपना भाग्यविधाता बनाया और जबतक हम ऐसे लोगों को चुनने का आत्मघाती निर्णय लेते रहेंगे हमपर ये घात होता रहेगा. क्यूंकि ये हमला हमारी गैरजवाबदेही से मतदान देने के कारण चुनकर आए लोगों के स्वार्थ का परिणाम है.

सोमवार, 15 अगस्त 2011

IS THIS FREEDOM FOR A COMMON MAN

लो भाई फिर पंद्रह अगस्त आ गया. आप सोच रहे होंगे कि स्वतंत्रता दिवस ही लिखा देते तो क्या चला जाता कोई इस के लिए फाइन तो नहीं लग जाता. सही है भाई इतनी तो स्वतंत्रता अवश्य मिली हुई है हमें अरे हमें तो इतनी ही मिली है पर कुछ लोगों को तो कुछ अधिक ही मिली हुई है. आप सोच रहे होंगे भला कौन हो सकता है. अरे भाई अपने वो राज भैया से ही पूछ लो संविधान की आत्मा को तार तार करते हुए वो भाषा और क्षेत्र के नाम पर किसी के बारे में कुछ भी बोल दें सार्वजनिक रूप से ही क्यूँ न हो वो स्वतंत्र हैं आप में है हिम्मत क्या आप सच के लिए ही कुछ बोल दें राष्ट्रहित में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ही बोल दें बेचारे बाबा रामदेव की तो बोलती बंद हो गयी हम आप कौन हैं. जबतक हम आम लोगों को रोगमुक्त करने के लिए सर के बल खड़े कर रहे थे सब खुश थे जैसे ही राष्ट्र को भ्रष्टमुक्त बनाने के लिए सरकार को शीर्षासन कराया  देख लीजिये हाल. पता नहीं उनके भी अभी कहाँ हैं. अब तो मीडिया भी भूल चूका है. जैसे ए. रजा और सुरेश कालमाडी जैसे लोगों को धन चाहिए चाहे वो जैसा हो या जहाँ से हो मीडियाको भी मसाला चाहिए चाहे  वो शीला की जवानी से ही क्यूँ न हो. हम आप कौन हैं हमारे आपके लिए चीजें अनिवार्य होती हैं बाबू साहब लोगों के लिए इच्छा पर निर्भर करता है. हमें डाक्टर बनना है तो परीक्षा पास करो किसी साहब का बेटा है डोनेशन है न. नेताजी के साले ने मर्डर भी कर दिया  तो वाह वाह हम और आप उसे देख भी लें तो मुसीबत. किसी गरीब का बच्चा भूखे या इलाज के बिना मर जाए तो पड़ोसी भी न सुने पर किसी साहेब के बच्चे ने जरा ठुमका क्या लगा दिया सारा मीडिया कैमरा लेकर दौड़ पड़ेगा. हमारी आपकी क्या हिमाकत हम आप मच्छर और कीड़े मकौड़े ही मार सकते हैं हिम्मत तो कसाब  साहब की है वो हमें और आपको कीड़े की  तरह मार सकते हैं और किस्मत भी देखिये क्या खातिरदारी हो रही है हमें और आपको ससुराल में भी नसीब न हो. जरा सोचिये क्या इस देश में एक कमजोर आदमी अपने स्वाभिमान के साथ जी सकता है. किसानो की जमीन खुद सरकार कौड़ियों के भाव जबरदस्ती  खरीद कर पूंजीपतियों को दे देती है गरीब आदमी अपनी सम्पत्ती नहीं बचा सकता और मंदी के समय पूंजीपतियों को रहत के नाम पर धन दिया जाता है. न हम भय से मुक्त हैं न भ्रष्टाचार से न स्वाभिमान सुरक्षित है न भविष्य क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं. चलिए यहाँ तो व्यवस्था दोषी है इस देश में एक ही बड़ा काम है हमारे लिए वो है वोट देना. उस समय हम धर्म और जाति की बेड़ियों में जकड़े रहते हैं वहां कौन दोषी है. सच तो ये है की अगर सिर्फ वोट देते समय हम इस जाति और धर्म की बेड़ियाँ खोल दें तो सबकुछ तो नहीं पर बहुत कुछ सही हो जाए.

रविवार, 12 सितंबर 2010

3G USB MODEM IN UBUNTU

युबंटू ने नया वर्सन युबंटू १०.१० लौंच किया है उसे अपने कम्प्यूटर पर इंस्टाल कर ले आपका 3G USB  मोडेम काम कर जाएगा. अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें ९१९७७१४०७४५४ पर . धन्यवाद्.